Thugs of Hindostan – ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान

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ठग्स ये शब्द सुनते ही लोगो के मन में एक डाकू या लूटेरे का चित्र बन कर आता है। ठग पैसो के लिए लोगो को मारते हैं और फिर उनके ज़ेवर, सामान और अन्य वस्तुएं चुरा कर भाग जाते हैं। यह सब हिंदुस्तान में बहुत साल पहले हुआ करता था जब अंग्रेजो ने भारत को अपना गुलाम बना रखा था। तब बहुत बड़े पैमाने में लोगों को लूटा जाने लगा और बहुत सारे लोगो को मार कर उन्हें लूट गया।

बाद में ब्रिटिश सरकार ने आदेश दिया कि हर एक ठग को ढूंढ कर मार दिया जाए ताकि यह सिलसिला खत्म हो सके और लोग शांति से रह सके। बाद में उन्होंने एक किताब में वर्णन किया कि क्यों और किस तरह इस वारदात को अंजाम दिया गया था जिसमे उन्होंने थग्स ऑफ हिन्दोस्तान (Thugs of Hindostan) के बारे में काफी सारी बाते लिखी। इस सब के पश्चात इंग्लिश में एक शब्द बनाया गया ठग जिसका मतलब था लूटेरा या डकैत होता है।

लेकिन क्या यह सच है? और अगर नही है तो असल में कौन थे यह लोग। आजकल काफी सारे लोग जिन्होंने भारत के इतिहास पर अध्ययन किया उन्होंने पाया की ब्रिटिश सरकार ने अपने कई गुनाह छुपाने के लिए बहुत सारे झूठ बोले और उन्होंने ने इतिहास बदलने की पूरी कोशिश की।

ब्रिटिश सरकार का इतिहास ज्यादातर ब्रिटिश लेखक ही लिखते थे और वह बिना किसी खोज के सिर्फ ब्रिटिश अफसरों के कहने पर यह करते थे। इसलिए काफी सारे वाक्यों को बदल गया और काफी सारी बाते छुपाई गयी ताकि ब्रिटिश सरकार का नाम खराब न हो। और यही हुआ ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान (Thugs of Hindostan) के साथ। वो वैसे नही थे जैसे उन्हें दिखाया गया और ना उन्होंने ने किसी को सिर्फ धन के लिए मारा। वो वे लोग थे जिन्होंने अपने घर को बचाने के लिए अंग्रेजो से लोहा लिया और अंतिम सांस तक लड़ते रहे।

कौन थे थग्स ऑफ हिन्दोस्तान?

यह तब की बात है जब ब्रिटिशर्स ने हिंदुस्तान को गुलाम बना लिया था तब उन्होंने यहाँ से मूल्यवान चीजे ले जाना शुरू किया और वो यहां की जमीन पर ऐसे पौधे उगाना चाहते थे जिनसे जमीन बंजर हो जाती है। वो भारत से ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाना चाहते थे और इसलिए वे वो सब काम कर रहे थे जिससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा मुनाफा हो सके। बाद में उन्होंने जंगलो की कटाई करने का षड्यंत्र रचा। वे जंगलो को काट कर लड़की का इस्तेमाल करना चाहते थे परंतु जंगलो में रहने वाली जातियों ने इस बात का विरोध किया।

मित्र बनकर देश लूटने आये ब्रिटिश लोगो को ये बात पसन्द नही आई और उन्होंने जबरदस्ती करने की कोशिश की जिसके पश्चात वो जंगली जाति वालो पर अत्याचार करने लगे। परेशान हो कर अपने घर को बचाने के लिए उन जाती के लोगो ने भी हथियार उठा लिए और हर एक अंग्रेज को काटना शुरू कर दिया। जो अंग्रेजी सैनिक जंगल जाता वो मार जाता और इस तरह जंगलों की कटाई रुक गयी।

इस बात से अंग्रेजी लोग बहुत ही ज्यादा गुस्सा हो गए और उन्होंने एक फैसला किया जिसमें की वो किसी भी जंगलवासी को जीवित नही छोडेंगे।

फ़ौज़ को आदेश मिले की जंगलो में घुस कर सब को मार दिया जाए और उन्होंने ऐसा ही किया। हर एक आदमी, औरत और बच्चे को मार दिया गया और आगे भी जो इस जाति से थे उन्हें भी डकैत और लूटेरा कह कर मार दिया गया। जिस जाती के लोग जंगलो को बचाने के लिए अंग्रेजो के जुल्म के शिकार हुए वो ठगी जनजाति के लोग थे और इसलिए ही ब्रिटिशर्स ने ठग शब्द बनाया और उसका अर्थ बना दिया लूटेरा। उन्होंने इस बात को फैलाने शुरू किया की जो लोग मारे गए वो लूटेरे थे ताकि उनके इस जुल्म का लोग विरोध ना करें और उनका काम इसी तरह चलता रहे।

Thugs of Hindostan class of achiveers

इतिहास

अपने आप को बहुत सभ्य लोग कहने वाले ब्रिटिशर्स भारत में सिर्फ पैसा कमाने आये थे। और उन्होंने भारत की संस्कृति को खत्म करने के लिए बहुत से काम किये। ठगी जाति को खत्म करना इनमे से एक था। अपने घर को बचाने के लिए आवाज़ उठाने पर ठगी जाती के लोगो को मौत के घाट उतार दिया गया और इतिहास में उन्हें एक गुनहगार बता दिया गया।

बाद में ऐसी बहुत किताबे लिखी गयी जिसमे ठगी जाती के बारे में बताया गया और कुछ लेखकों ने ब्रिटिश सरकार के मंसूबो को भी दर्शाया। बहुत से लेखकों ने लोगो पर हुए अत्याचारों को भी बयां किया और अंग्रेजो से आजादी की आग किस तरह लगी इसके बारे में भी बताया है।

जिस इतिहास को बदल कर अंग्रेज आने आप को बचाना चाहते थे उसी इतिहास की सच्चाई ने उनको बेनकाब कर दिया और भारत से बाहर खदेड़ दिया।

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