पाठ=4 सांवले सपनों की याद-class 9th

इस पाठ के लेखक का नाम जाबिर हुसैन हैं। उनका जन्म सन् 1945 मे गाँव नौनही राजगीर, जिला नालंदा, बिहार मे हुआ।

प्रश्न-अभ्यास:-

प्रश्न 1. किस घटना ने सालिम अली के जीवन की दिशा को बदल दिया और उन्हें पक्षी प्रेमी बना दिया?

उ0. बचपन में एक बार सालिम अली की एयर गन से एक गौरैया घायल हो गई थी। इस घटना ने उनके हृदय पर बहुत आहत किया ,और उनके जीवन की दिशा ही बदल गई। उसके बाद उनकी रूचि पक्षियों के संसार की ओर मुड़ गई ,और वह पक्षी प्रेमी बन गए ।वह पक्षियों की खोजबीन, देखभाल तथा संरक्षण में जुट गए।

प्रश्न 2. सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने पर्यावरण से संबंधित किन संभावित खतरों का चित्र खींचा होगा कि जिससे उनकी आंखें नम हो गई थी ?

उ0. उस समय के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह थे। उनके सामने केरल की” साइड वेली” के खतरों की बात उठाई होगी ।उस वक्त कैरल पर रेगिस्तानी हवा का खतरा मंडरा रहा था। वहां का वातावरण दूषित तथा गंदा हो गया था। प्रधानमंत्री को पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान था ।वातावरण के दूषित होने के खतरों के बारे में सोच कर उनकी आंखें नम हो गई।

प्रश्न 3. लॉरेंस की पत्नी फ्रीडा ने ऐसा क्यों कहा होगा कि” मेरी छत पर बैठने वाली गौरैया लॉरेंस के बारे में ढेर सारी बातें जानती है”?

उ0. लॉरेंस की फनी फ्रीडाउन के पक्षी प्रेम को दिखाने के लिए ऐसा कहा होगा ।वह जानती थी उनके पति गौरैया के साथ अपना ज्यादा समय बिताते थे। गौरैया के साथ उनके व्यवहार को फ्रीडा ने अपनी आंखों से देख कर जो महसूस किया होगा, उस अनुभव को लिखने के माध्यम से बताना बहुत मुश्किल होगा।

प्रश्न:4 आशय सपषट कीजिए: (क) वो लाॅरेसं की तरह , नैसर्गिक जिदंगी का प्रतिरूप बन गुए थे । (ख) कोई अपने जिस्म की हरारत और दिल की धड़कन भी उसे लौटना चाहे तो वह पक्षी अपने सपनों के गीत दोबारा कैसे गा सकेगा । (ग) सालिम अली प्रकृती की दुनिया में एक टापू बनने की बजाए अथाह सागर बनकर उभरे थे ।

उत्तर: (क) नैसर्गिक जिंदगी का मतलब होता हैं , प्रकृती के समान ।

प्रश्न:5 इस पाठ के आधार पर लेखक की भाषा -शैली की चार विशेषताएँ बताइए।

उत्तर: "साँवले सपनो की याद" नामक पाठ की भाषा शैली से संबंधित विशेषताएँ नीचे दी गई है :-
(क) लेखक ने इस पाठ मे संस्कृत , उर्दू तथा तदभव शब्दों का सम्मिश्रण है ।
(ख) लेखक अलंकारो की भाषाओं में लिखते है ।
(ग) उपमा तथा रूपक अलंकार उनके प्रिय अलंकार है ।
(घ) लेखक की  भाषा शैली चित्रात्मक है, पाठ को पढ़ते हुए पाठ की घटनाओ का चित्र उभरकर सामने आ जाता है ।

प्रश्न:6 इस पाठ में लेखक ने सालिम अली के व्यक्तितव का जो चित्र खींचा है उसे अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर: सालिम अली एक बहुत बडे प्रकृती तथा पक्षी प्रेमी थे । उनके मन मे कभी न खत्म होने वाली जिज्ञासा थी, प्रकृती तथा पक्षियों को लेकर । उनका सिर्फ एक ही उदेश्य था , पक्षियों की खोजबीन तथा संरक्षण करना । लंबी – लंबी यात्राओ ने सालिम अली के शरीर को कमज़ोर कर दिया था । उनका व्यवहार बहुत सरल तथा सहज था ।

प्रश्न:7 ‘साँवले सपनों की याद’ शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर: "साँवले सपनो की याद" एक अदभुत शीर्षक है । इसे पढकर पाठक को अलग सा अहसास हो जाता है । जैसे कोनसे सपने ? कैसे सपने ? तथा किसके सपने ? आदि । "साँवले सपनो की याद" एक प्रसिद्ध पक्षी प्रेमी सालिम अली से जुडी है। सालिम अली ने अपना पुरा जीवन प्रकृती तथा पक्षियों की खोज- बीन   तथा संरक्षण में न्योछावर कर दिया ।
यह "साँवले सपनो की याद" बहुत रहस्यात्मक तथा अनोखा है , अगर हम इसके अर्थ निकाले तो पतानी कितने अनेक अर्थो तक पहुंचा जा सकता है ।
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