आपके विद्यालय में होने वाले वार्षिक उत्सव में आपको पुरस्कृत किया जाएगा। आप चाहते हैं कि आपकी माता श्री भी इसे देखें। माता जी को बुलाने के लिए एक पत्र लिखिए।

आपके विद्यालय में होने वाले वार्षिक उत्सव में आपको पुरस्कृत किया जाएगा। आप चाहते हैं कि आपकी माता श्री भी इसे देखें। माता जी को बुलाने के लिए एक पत्र लिखिए।

एम –४८, आदर्श नगर

दिल्ली।

दिनांक – ….

सादर चरण स्पर्श,

पिछले कई दिनों से आपके पत्र की प्रतीक्षा कर रही थी। आज ही आपका कृपा पत्र प्राप्त हुआ। पढ़कर प्रसन्नता हुई कि अब आपका स्वास्थ्य ठीक है। आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि हमारी द्वितीय स्तर की परीक्षा समाप्त हो गई है तथा परिणाम भी आ गया है। मुझे अपनी कक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त हुए हैं। गणित में मैंने शत – प्रतिशत अंक पाए हैं। तथा शेष विषयों में अस्सी– नब्बे प्रतिशत के बीच अंक आए हैं। पिछले दिनों हमारे विद्यालय में अंतर विद्यालय वाद- विवाद का आयोजन किया गया था। जिसमें दिल्ली के 20 प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया था। अपने विद्यालय की ओर से भाग लेने के लिए मेरा चयन किया गया था। आपको यह जानकर हर्ष होगा कि इस प्रतियोगिता में मैंने प्रथम स्थान पाया।

आगामी 13 दिसंबर को विद्यालय का वार्षिकोत्सव है। इस अवसर पर मुझे दो पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। एक तो अंतर विद्यालय वाद– विवाद प्रतियोगिता में प्रथम आने के लिए तथा दूसरा परीक्षा में पूरे विद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के लिए।

मेरी हार्दिक इच्छा है कि इस अवसर पर आप भी उपस्थित रहे और मुझे आशीर्वाद दें। यदि आपके साथ पिताजी भी आ सके तो मुझे अत्यधिक प्रसन्नता होगी। मेरी ओर से पूज्यनीय पिताजी के चरण स्पर्श और चिंकी को ढेर सारा प्यार।

आपकी आज्ञाकारी पुत्री

काजल

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